रघुवंश में आदर्श राजा के गुणों का चित्रण

Authors

  • डॉ. परिमल मंडल Author

Keywords:

रघुवंशम्, कालिदास, आदर्श राजा, राजधर्म, दिलीप, रघु, अज, दशरथ, राम, प्रजापालन, संस्कृत महाकाव्य

Abstract

महाकवि कालिदास द्वारा रचित "रघुवंशम्" संस्कृत साहित्य के महाकाव्य-परंपरा का एक अद्वितीय ग्रंथ है, जिसमें सूर्यवंश की उन्नीस पीढ़ियों के राजाओं का चरित्र-चित्रण किया गया है। यह शोध-पत्र रघुवंश महाकाव्य में वर्णित आदर्श राजा की अवधारणा का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। कालिदास ने दिलीप, रघु, अज, दशरथ तथा राम जैसे राजाओं के माध्यम से एक आदर्श शासक के गुणों—प्रजापालन, सत्यनिष्ठा, धर्मपरायणता, शौर्य, त्याग, न्यायप्रियता, दानशीलता तथा कर्तव्यनिष्ठा—का सजीव चित्रण किया है। यह अध्ययन प्राथमिक स्रोत के रूप में रघुवंशम् के मूल संस्कृत श्लोकों का प्रयोग करते हुए यह प्रतिपादित करता है कि कालिदास का राजा-चरित्र केवल साहित्यिक कल्पना नहीं, अपितु अर्थशास्त्र, मनुस्मृति तथा रामायण-महाभारत की राजधर्म-परंपरा से प्रभावित एक सुव्यवस्थित राजनीतिक-नैतिक दर्शन है। यह पत्र तुलनात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का प्रयोग करते हुए यह भी दर्शाता है कि रघुवंश का आदर्श राजा आधुनिक शासन-व्यवस्था तथा नेतृत्व-सिद्धांत के लिए भी प्रासंगिक है। अध्ययन के अंत में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि कालिदास ने "प्रजाहिताय" के सिद्धांत को राजधर्म का केंद्रीय तत्व मानते हुए एक ऐसे आदर्श राजा की परिकल्पना की है, जो शक्ति और करुणा, वैभव और त्याग, तथा शासन और सेवा के मध्य संतुलन स्थापित करता है।

 

Author Biography

  • डॉ. परिमल मंडल

    असिस्टेंट प्रोफेसर, संस्कृत विभाग, स्वर्णमयी जोगेंद्रनाथ महाविद्यालय, अमदाबाद, नंदीग्राम, पूर्बा मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल

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Published

2025-02-16

How to Cite

रघुवंश में आदर्श राजा के गुणों का चित्रण. (2025). शब्दसागर, 2(2), 1-14. https://shabdasagar.in/index.php/journal/article/view/1

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