गांधी जी की शिक्षा नीति: नैतिकता और जीवन कौशल के विशेष संदर्भ मे

Authors

  • Parhlad Singh Ahluwalia Author

Keywords:

गांधी जी, शिक्षा नीति, नैतिकता, जीवन कौशल

Abstract

महात्मा गांधी ने शिक्षा को केवल ज्ञान का साधन नहीं, बल्कि नैतिकता और जीवन कौशल के विकास का माध्यम माना। उनकी शिक्षा नीति का उद्देश्य व्यक्तित्व का समग्र विकास था, जिसमें नैतिकता, श्रम, और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया। यह शोधपत्र गांधी जी की शिक्षा नीति का विश्लेषण करता है और यह बताता है कि किस प्रकार उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। महात्मा गांधी का शिक्षा दर्शन भारतीय समाज और संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने शिक्षा को न केवल ज्ञानार्जन का साधन माना, बल्कि इसे आत्मनिर्भरता, चरित्र निर्माण, और राष्ट्रीय चेतना का माध्यम भी माना। गांधी जी की शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य बच्चों में नैतिकता, श्रम की गरिमा, और आत्मनिर्भरता के गुणों का विकास करना था। यह शोध पत्र गांधी जी की शिक्षा नीति के प्रमुख सिद्धांतों का विश्लेषण करता है और उनके विचारों के आधुनिक संदर्भों में प्रासंगिकता पर चर्चा करता है।

 

Author Biography

  • Parhlad Singh Ahluwalia

    सम्पादक, शोध प्रकाशन, हिसार, हरियाणा

     

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Published

2024-01-27

How to Cite

गांधी जी की शिक्षा नीति: नैतिकता और जीवन कौशल के विशेष संदर्भ मे. (2024). शब्दसागर, 1(2), 9-16. https://shabdasagar.in/index.php/journal/article/view/10

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